Site icon Jyoti Marg | ज्योति मार्ग

ईश्वर इच्छा पर चलना ही सत्य जानने का मार्ग है।

#38

जो तुमने कभी कल्पना भी नहीं की है, वैसा तुम्हारा जीवन बन सकता है ईश्वर इच्छा पर चलने पर। (१)

ईश्वर इच्छा सर्वोपरि है, वह सत्य को जानने की सबसे पहली सोपान है, सारे रहस्य ईश्वर में निहित हैं। (२)

ईश्वर सत्य है, सत्य अटल है, सत्य निर्विकारी है, वह सदैव निरंतर स्थिर रहता है, सत्य को जानना आत्मा की शोभा है। (३)

ईश्वर की इच्छा पर चलते ही मन शान्त रहता है, सत्य प्रकट होना शुरू हो जाता है, सत्य को प्राप्त करना ईश्वर को जानना है। (४)

सत्य आत्मा की प्रतिष्ठा है, असीम गुरु कृपा से अज्ञान का पर्दा आत्मा से उतर जाता है, हमारी आत्मा सत्य का बोध कराती है। (५) 

सत्य को जानना जन्म जन्मान्तर के कठोर तप से प्राप्त होता है, तप में ईश्वर इच्छा व ईश्वर की स्मृति अधिक बढ़ती है। (६)

सत्य में ईश्वर का प्रकाश है, वह प्रकाश अमर फल देता है, प्रत्येक दिन ईश्वर इच्छा पर चलना ही शान्ति व आनंद देता है। (७)

जीवन के सारे अभाव स्वयं ही दूर हो जाते हैं जब हम ईश्वर की प्रसन्नता व आदेश पर चलते हैं । मन विग्रह नहीं होता । (८)

यदि हमें ईश्वर का सान्निध्य प्राप्त करना है, उनसे सत्य जानना है, तो उनकी इच्छा को प्रेम से ग्रहण कर स्वीकारना है। ()

Exit mobile version