भारत क्यों और कैसे बनेगा विश्व गुरु? – परमात्मा
#77 05-01-26 भाग – 1 क्रान्ति के बाद शान्ति “तुमने आखिर वह दिन देख ही लिया सदियों-सदियों बाद जब तुम्हें अर्ध नहीं परन्तु पूर्ण सत्य का बोध हो गया है आज। सत्य तुम्हें अत्यधिक प्रिय है, सत्य जानने के लिए तुमने सारे जन्म अर्पित किए; आज तुम अविरल पूर्ण शान्ति में हो आखिरकार। जन्म-जन्म तक […]

