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Jyoti Marg | ज्योति मार्ग
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Entries by Jyoti Marg

Uncategorized

अशान्ति में शान्ति का संदेश, युद्ध में से निकलेगा अमृत-कलश; भारत फिर से देगा विश्व को शान्ति का संदेश, भारत फिर से बनेगा विश्व गुरु ।

#67 ॐ (India strikes in POK on 7th May 2025, Operation Sindoor ) परमात्मा – 07-05-25  “मध्य रात्रि हो चुकी है। तुम्हें मैंने सुला दिया यह कहकर कि तुम विश्व को मेरी ओर से एक नया संदेश दो। पहले भी अनेकों बार यह कार्य तुम्हारे कर-कमलों से करा चुका हूँ। (1 of 3) तुम रात्रि […]

May 7, 2025 /0 Comments/by Jyoti Marg
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कभी – कभी तुम यूँ भी कर लिया करो !

#66 ॐ (4 of 4) परमात्मा – “तुमको आज मैंने ऐसी तीन बातें बताई है जिससे तुम्हारा स्वयं से परिचय एक बार फिर हुआ है, यह तुम्हारा अहोभाग्य है। मैंने तुम्हें कई दिनों से देखा है कि तुम निरन्तर प्रयास कर रही हो कि तुम मेरे इतने सारे दिए गए कार्य कब और किस समय […]

April 25, 2025 /0 Comments/by Jyoti Marg
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दिव्य लोक, दिव्य आलोक

#65 ॐ (3 of 4) परमात्मा – “अभी अभी तुमने एक कविता पूरी लिखी है, सुनते ही अगले पल में तुमने उसेे शुरू कर दी, यह चमत्कार केवल तुम कर सकती हो।  आज सुबह ग्यारह बजकर चौवालीस बजे मैं तुम्हारे पास आ कर एक विशेष उपाधि देने आया हूँ तुम्हें। यह उपाधि शायद ही किसी […]

April 25, 2025 /0 Comments/by Jyoti Marg
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सूर्य का अस्त किसने देखा है?

#64 ॐ (2 of 4) परमात्मा –  “आज तुमने यह कर दिखलाया जो तुमने न कभी चाहा । और न ही करने वाली थी परन्तु आज अनहोनी हो गई। तुम्हारा मन पूर्णतः डूबा था अपनी अथाह शान्ति में परन्तु, मैंने तुम्हें आदेश दे दिया कि तुम्हें अब सब को बोध कराना है। कई लोग तुम्हारे […]

April 24, 2025 /0 Comments/by Jyoti Marg
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सूर्य के परे क्या है?सूर्य के उस पार क्या है? मुझे वहाँ जाना है। 

#63 ॐ सूर्य के परे क्या है?सूर्य के उस पार क्या है? मुझे वहाँ जाना है।  सूर्य के परे मैं हूँ – मैं पूरे विश्व में व्याप्त हूँ… (1 of 4)   परमात्मा – “सूर्य के परे मैं हूँ, मैं पूरे विश्व में व्याप्त हूँ” प्रात: काल की झीनी- झीनी सूर्य की किरणें पेड़ों के […]

April 18, 2025 /0 Comments/by Jyoti Marg
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इतना आलोकित, आनन्दित जीवन भला कौन तुम से छीन सकता है?

परमात्मा #62 ॐ 13-01-25 | सोमवार | मकर संक्रान्ति पूर्ण महाकुंभ की प्रथम तिथि “महाप्राण द्वारा नाभि से यह आशीष, शब्दों द्वारा तुम्हें दे रहा हूँ, इतने कष्ट से तुमने अपना जीवन आनन्दित व आलोकित किया है,भला तुमसे कौन छीन सकता है? हिरण्यगर्भ से प्रेम पूर्वक मैं तुम्हें तुम्हारी नाभि में महाप्राण द्वारा ये स्वर्णिम […]

January 15, 2025 /0 Comments/by Jyoti Marg
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आओ मैं तुम्हें कुछ बताऊँ, मैं तुम्हें अपने संकल्प के बारे में बताऊँ।

  #61 ॐ 7 of 7 परमात्मा –  “मैं कभी भी किसी के लिए नहीं कुछ कहता, न ही मैं उनसे कोई शिकायत करता हूँ, मैं तो केवल दृष्टा बन कर सबको देखता रहता हूँ। मैं साक्षी रूप हूँ। मेरी धरती मैंने अत्यंत प्रेम से धीरे-धीरे गढ़ी, साल दो करोड़ से भी अधिक लगे। मैंने […]

October 11, 2024 /0 Comments/by Jyoti Marg
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आगे अब क्या होगा, वह तुम जानो, मेरी भविष्यवाणी सुनो।

#60 ॐ 6 of 7 परमात्मा – “आगे अब क्या होगा, वह तुम मुझसे अवश्य सुनो, मैंने तुम्हारे भविष्य सुनहरे अक्षरों में लिख दिया क्योंकि तुम ने मेरी सारी बातें हैं जो मानी। मेरी इच्छा में ब्रह्माण्ड के लिए उद्धार व कल्यण ही होता है, मनुष्य के लिए केवल उसकी आत्म उन्नति, कर्मों की सफाई […]

October 9, 2024 /0 Comments/by Jyoti Marg
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कभी न जो तुमने सोचा था, वो तुम अब करो ।

#59 ॐ 5 of 7 परमात्मा – “मन एक अद्भुत शक्ति है। इसमें अपार संभावनाएँ छुपी पड़ीं होतीं हैं। मन की सबसे बड़ी शक्ति है इच्छा-शक्ति। आदिकाल में ही जब मैंने मनुष्य की पहले-पहल रचना की थी, मैंने उसे इच्छा-शक्ति का नाभि में स्पंदन द्वारा प्रवेश किया। इच्छा-शक्ति मैंने सबसे पहले दी क्योंकि मैं चाहता […]

October 7, 2024 /0 Comments/by Jyoti Marg
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अपना जीवन ईश्वर को समर्पित करो । 

#58 ॐ 4 of 7 परमात्मा  –  “यदि तुम यह जीवन ईश्वर को समर्पित कर दो, मन तुम्हारा कभी भी विचलित नहीं होगा। जीवन का सच्चा सुख मन में ध्यान द्वारा उतारी गई शान्ति है। जिन मन में सदा किसी न किसी वस्तु, संसारी इच्छा या इन्द्रिय सुख प्राप्त करने की चेष्टा रहती है, वे […]

October 3, 2024 /0 Comments/by Jyoti Marg
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This blog is a humble attempt to deliver the direct messages of Parmatman or God to humanity, because the world is now ready.

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  • भारत क्यों और कैसे बनेगा विश्व गुरु? – परमात्मा
  • Your formidable and stellar performance in every field of life in this birth earns you a very special place in My heart – you have endured everything-I,II
  • Cosmic Consciousness vibrates and echoes in this Universe!
  • On this very special day, I deliver a blessing to you, never given to anyone before-II Parmatma (2 of 2)
  • On this very special day, I deliver a blessing never given to anyone before-I Parmatma (1 of 2)

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  • Rohit on सत्यदेव – सत्य ही देव है, सत्य ही ईश्वर है । 
  • Rk Jain on प्राणायाम साधना की बुनियाद है। शान्ति की खोज के लिए पहली सीढ़ी है।
  • Nishita on जो कोई नहीं कर सकता वो तुम करोगी – तुम विश्व में मेरा सबको परिचय दोगी
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