जो कोई नहीं कर सकता वो तुम करोगी – तुम विश्व में मेरा सबको परिचय दोगी
#48 ॐ (7 of 8) “तुम्हारी अनेक जन्मों की दीर्घ काल पर्यंत तपस्या का फल अब मैं विश्व को दे रहा हूँ – जान लो समय ने एक करवट ली, हमें इसे पहचानना है। अत्यधिक सरल शब्दों में दूँगा अपना परिचय, कदाचित तुम अपेक्षा कर बैठो गूढ़ शब्दों से ही होता है मेरा […]

